समुन्दर के किनारे किनारे  कहाँ जा रहे हो साहिल के सहारे  वो काली काली झुल्फों  वाली लह्रतें दुपट्टें वाली  थोड़ा चेहरा तो दिखाती जा  मुरझाये मन को कर ताजा  आ मेरे पास तू आ जा  दोनों बहाने हो या दोस्त  पर हो दोनों ही मस्त  शशिकांत निशांत शर्मा 'साहिल'

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