चोट लगाई  ऐसी हालत की  और किसी ने न कि  यार परवाह मेरे जज्बात की मैं चाहता रहा पर मुझे नहीं मिली  एक एहसास  मुहब्बत कि  मैं रात भर जगता रहा  इसे क़यामत कहो रात की  मैं कहता रहा कोई सुना नहीं  क्या बात हैं मेरे बात की  यार आज प्यार किसे चाहिए  सबको भूख […]

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