काला कौवा, काली कोयल  दोनों के है एक से चाल  दोनों के हैं एक से रंग  दोनों में हैं खूब उमंग  पर एक मन को भाती  दूसरा सबका नफरत पाता  जानते हो क्यों?  एक काला कौवा  शहर हो या गाँव  करता रहता काव-काव  नहीं लता कभी बदलाव  अपनी बोली में  पर एक कोयल काली  बोलती […]

Read more of this post