- शशिकांत निशांत शर्मा 'साहिल' ठण्ड के मौसम में चली पवन मन में लगी जाने कैसी लगन धरती चूम रही गगन पशु पक्षी भी है मगन अजब है ये मानव मन बढे दिल की धरकन ज्यादा नहीं कहते है कम मत पूछ मेरे यार कैसे है हम हर पल सितम ढाह रह है सितम ये […]

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