न जाने क्या चीज है गम  हो जाती है ऑंखें नम  होता है ये दिल  फूलों से भी नाजुक  कहता है 'साहिल'  हो थोड़ा सा भी चोट  न कर सकता बर्दस्त  जब दिलपे लगती चोट  हो जाती है ऑंखें नम न है कोई ऐसा मरहम  ऐ मेरे साथी मेरे दोस्त  जो कर दे इस दर्द […]

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