आदमी आदमी के दिल में नहीं बसता बसता है अब मकानों में  अब आदमी शहरों में है रोता आत्माएं हंसती है श्मशानों में  शांति नहीं मिलती है अब समाज में  शांति पते है अब हम वीरानों में  वो प्यार मोहब्बत नहीं रहा आवाजों में  चुप हो गया हैं वो दो दिन की थकानों में  हलचल […]

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